Sakunat History World | Indian, World & Mewat History in Hindi

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Monday, November 14, 2022

 उटंगन के फायदे (Blepharis)

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेंगे उटंगन के फायदे और उसके औषधीय गुण के बारे में ,आयुर्वेद के अनुसार उटंगन में ढेर सरे औषधीय गुण पाए जाते है , आप जान कर हैरान हो जायेगे की उटंगन में ऐसे तत्व पाए जाते है! की वो हमारे शरीर में होने वाली परेशानियां जैसे : स्किन में होने वाली प्रॉब्लम जैसे किसी प्रकार का फोरे – फुंसी या घाव , अल्सर को भी ठीक करता है ! अगर हम जान ले इसका प्रयोग तो महिलाओं में होने वाल्व पीरियड्स की प्रॉब्लम जैसे पीरियड्स टाइम पे ना होना , इन जैसी समस्याओं के लिए काम में आता है ये छोटा सा दांतों की तरह दिखने वाला पौधा और इस पौधे में कांटे भी लगे होते है ! अगर किसी को नींद ना आये रात में तो भी आप इसका सेवन कर सकते है ,उटंगन की सब्ज़ी खाने से बहुत बढ़िया नींद आती है। 

उटंगन के फायदे और(औषधीय गुण)  What is Utangan



सांसों की समस्या में भी इसका प्रयोग होता है क्यूंकि उटंगन में ऐसे Medicinal Properties  पाए जाते है जो की अगर किसी को सांस की किसी भी प्रकार की प्रॉब्लम है, तो वह इसका प्रयोग कर सकता है , आप चाहे तो इसका काढ़ा भी बना कर पी सकते है , लेकिन काढ़ा बनाने के लिए आप इसकी जड़, पत्ती, फूल , तना , बीज सब लेकर पहले इसको ड्राई कर ले फिर इसका काढ़ा बनाकर पिए आपको लाभ मिलेगा !

अगर आप चाहे तो इसे पीस कर इसका लेप भी इस्तमाल कर सकते है चेस्ट पर लगाने से खांसी से भी राहत देती है यह उटंगन!


 

अगर किसी को डायबिटीज की समस्या है, या ल्यूकोरिया  जैसी भयानक बीमारी से पीड़ित है तो भी उटंगन का प्रयोग है !

अगर मरीज़ इसके ताज़े पौधे का पांचांग रस 5 से 10 ग्राम ले और उसमे चीनी नहीं मिलनी है जब इस रस को ले मिश्री के साथ ही ले , मिश्री और पंचांग रस को शरबत जैसे बनाकर पिए बहुत आराम मिलेगा ,डायबिटीज और ल्यूकोरिया जैसी बीमारी में !


खुजली, Weakness , घाव , ठीक करता है उटंगन 


अगर आपको कही चोट लग गयी है और वो ठीक नहीं हो रही है तो आप उटंगन  की पत्तिया ले और उसको पीस ले और चोट वाली जगह पर लगा ले जल्दी आराम मिलेगा !

अगर आप इचिंग से बहुत व्याकुल है, तो आप उटंगन के पत्तों को पेस्ट बना ले और उसको खुजली वाली  स्किन पर लगा ले आराम मिलेगा !

अगर आप भी किसी काम को कर के बहुत जल्दी थक जाते है तो आपके लिए बहुत ही फयदेमंद है उटंगन के बीज ! जी हाँ दोस्तों जिसका आप पॉवडर कर ले और , फिर एक चमच शहद और एक चमच मिश्री के साथ ले सकते है, आपको बहुत अचछा महसूस होने लगेगा कुछ ही दिनों में शरीर में  ताकत बढ़ने लगेगी !

उटंगन के पौधे में जो सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले भाग है वो है उसके बीज और पत्ते , दोस्तों ये बहुत ही गुणकरि पौधा है! इसलिए इसका प्रयोग जरूर करे ।

आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के बाद इसका उपयोग करें।  और इसका ज्यादा प्रयोग नहीं करना चहिये !

क्यूंकि किसी भी चीज़ की अति सही नहीं मणि जाती है ।


Thursday, April 21, 2022

  में sakunat मैं एक बार फिर हाजिर हूं। एक और नई ayurvedic medicine, malkangni ke fayde  जानकारी के साथ आज की यह पोस्ट बहुत ही खास है। आज मैं जिसके बारे में बात करने वाला हूं, वह बहुत ही पावरफुल दवा है जिससे वह  साधु सन्यासी अच्छी तरह से वाकिफ होते हैं। ऐसी कोई सी भी किताब नहीं होगी जिसमें उसका जिक्र ना हो पुराने दौर के जितने भी वैध हकीम से अक्सर इसका इस्तेमाल कर आते थे, वह जवाब यह है malkangni ke fayde। 







यह संस्कृत में इसको ज्योतिष माता के नाम से भी जाना जाता है। malkangni ke fayde दो तरह की होती है, एक वह होती है जिसकी खेती की जाती है। 

दूसरी है। 

एक जंगली पौधा है। हिमालय के तरफ ज्यादा पाया जाता है जिसके बारे में भी जानकारी लेकर आया हूं।

 

पोस्ट को लास्ट तक देखें ताकि आप इससे फायदा उठा सकें। इसके चौका देने वाले फायदे हैं। इसके पत्ते और बीजों को ज्यादा काम में लिया जाता है। 


 

malkangni ke fayde in hindi by mewati dawakhana

यह पेट के कीड़ों को खत्म करता है। डायबिटीज में भी malkangni ke fayde मिलते हैं। बहुत सालों से मिर्गी और कुष्ठ रोग के इलाज के लिए ज्योतिष्मती का इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, ज्योतिष्मती घाव, पीलिया तथा पेट दर्द में भी लाभ पहुंचाता है।

मलकानगनी के फायदे। Malkangni ke fayde in urdu

मालकांगनी के बीजों की तासीर गर्म खुश होती है। इसके बहुत से फायदे हैं।

 कुआं तिर्वा यानी नामर्दी में इसको 2 तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। 

एक तो यह इन बीजों को तिल के तेल में डालकर ठंडा करके छानकर बोतल में रख लें और इस तेल की मालिश करें।

 दूसरा तरीका यह है इन बीजों को अच्छी तरह साफ करके यानी बीजों के ऊपर जो छिलका है इसे दूर कर ले। दाने का इस्तेमाल करें।

 इसका तरीका यह है पहले दिन एक दूसरे दिन दो तीसरे दिन 3  हर रोज एक दाना बढ़ाते जाएं। यहां तक कि यह 10  तक पहुंच जाए। फिर इनको हमेशा 10 दाने रोज खाते रहें। अगर आप इस तरह कुछ महीने खा लेते हैं तो? 

 

 

मलकानगनी बीच के खाने के फायदे! Benefits of eating Malkangani Beach 

इसके फायदे सुन ले उससे नामर्दी की ayurvedic medicine इससे बढ़कर कोई दवा नहीं हुआ। traditional indian medicine यानी मर्दाना को इस कदर बढ़ जाती है जिसको रोकना नामुमकिन हो जाता है। वह सी जगह आपने सुना होगा। 10 बार यह करें। वह करें। इतनी पावरफुल है लेकिन मैं जो बता रहा हूं, यह हकीकत का इस्तेमाल कई महीनों तक करें। malkangni ka upyog  आपको कई महीने तक जरूर करना पड़ेगा पर इसका रिजल्ट आपको बहुत ही malkangni ke fayde देखने को मिलेगा। 

 

malkangni ke fayde for hair by sakunat

बालों के लिए

malkangni तेल के उपयोग से बालों को सिल्की बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, एक अन्य शोध से यह भी पता चलता है कि बालों को सफेद होने से बचाने के लिए malkangni बीज को भी इलाज के लिए देखे जा सकते हैं। इसके लिए खीर के साथ घी में ऊबला हुआ मालकांगनी के बीज का सेवन करने की सलाह दी जाती है

 

मलकानगनी बीज के खाने का सही तरीका, malkangni ke upyog

malkangni ke fayde लेने के लिए सुबह खाली पेट खाया करें। फिर देखे कमाल इसके इसके अलावा यह दिमाग को ताकत बनाती है। ज्यादा बढ़ जाती है। कुछ महीने के इस्तेमाल से सफेद बाल भी काले होने लगते हैं और धीरे-धीरे पूरे बाल काले हो जाए। इसके अलावा घटिया, लखवा, सर्दी, जुखाम, जैसे बीमारी में भी इसको इस्तेमाल किया जाता है सब का तरीका same भी है। 

जिसके इस्तेमाल से दूर हो जाते हैं, बीजों को खाने में और तेल को लगाने में इस्तेमाल करें तो इनकी मदद से सैकड़ों बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है। 

 

 

malkangni पौधे की पहचान कैसे करें Dr NS Tiger


malkangni ke fayde podha

इसकी पहचान इस तरह करें। यह पैडं   आप हो जाए। इसकी लकड़ी नरम होती है। इसके पत्ते 2 इंच से 5 इंच तक लंबे होते हो। डेट इन से 3 इंच तक चौड़े होते हैं। इसके 4 शब्द यजद मई यानी हरे पीले होते हैं। बीजों के ऊपर सुर्खिया चंद्रन का खिलाफ होता है। इसके बीज हर्बल के बीजों से मिलते जुलते होते हैं। 


यह थी कुछ जानकारी malkangni and malkangni ke fayde के बारे में जरा की और जानकारी पाने के लिए मेरे चैनल को फॉलो करें और साथ में मेरे यूट्यूब चैनल को लाइक शेयर और सब्सक्राइब जरूर करें।

 



10 ayurvedic tips 

 

 

Tuesday, April 5, 2022

In today's blog, I am going to tell you five health tips along with ayurvedic treatment, 9 Best Health Tips free ayurvedic treatment, and the immune system.







1, Health Tips The remedy is to cure yourself of cold and cough.

Another health tip is to get rid of stress by exercising.

Third, the third is for weight loss. Fourth is how to strengthen your diet to avoid diseases. And fifth, it tells you how you can improve your mood with meditation and exercise.



So, please keep reading this blog post and know these 5 Best Health Tips Ayurvedic at Home!



1- Treat yourself with cold and cough.

#2 - Relieve stress by exercising.

#3 - Lose weight with your diet.

#4 - Strengthen your diet to avoid diseases...

#10 - Improve your mood with meditation and exercise.




 Type Health Tips Ayurvedic food items





#1 Treat yourself to cold and cough

If you have a cold or cough, take a bottle of mustard oil and mix one part of it with 100 parts of water. Now that you have made it, drink that water for good health. Remember, stay warm if you have a cold and avoid spicy foods if you have a cough.

 

#2 Relieve stress by exercising.

Exercise regularly along with pranayama to relieve stress from your body. If possible, exercise early in the morning because at that time your mind will be calm.

You can practice with Pranayama early in the morning to relieve stress from your body, mind, and soul.

 

 

#3 Loose weight with your diet

Use some spices while cooking. Spices can increase the volume of food without adding calories. This means you can eat more of these foods without gaining extra weight. So try to use some spices while cooking.

Eat vegetables and fruits daily as this will not only reduce weight but also provide plenty of nutrients for your body and mind. Also, drink a cup of lukewarm tea made of ginger, clove, and cardamom after meals, which will help in reducing weight. The digestive system will be good health tips.




#4 Strengthen your diet to avoid diseases

If you want to strengthen your diet then you must have breakfast. Breakfast will make your body, mind, and soul strong. Having breakfast with muesli is better for health.

If you do not have time to have muesli in the morning, instead of eating fast food like sandwiches, burgers,s or pizza, have whole wheat bread toast, or oatmeal. Due to this health issues come less.

#5 Improve your mood with meditation and exercise

Do exercise first thing in the morning because at that time your mind and thoughts will be clear. After that try to meditate regularly as it will improve your mood.




ayurvedic medicine blood pressure

 

Amla. Amla or Indian gooseberry is an effective Ayurvedic medicine for blood pressure. ,

Gotu Kola. Gotu kola, also known as Indian pennywort, is commonly used in traditional Chinese and Ayurvedic medicine. ,

Ashwagandha. ...Ashwagandha

Garlic. ...Garlic.

Honey. Honey.






health problems digested food



health tips I will tell you some such fruits, which if you eat, will be easy to digest. So that your digestive system does not get spoiled. Also, you should consume warm water with warm water. If it is winter season, then you should drink hot water continuously from morning till evening.


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Tulsi juice antibiotic medicine health tips



This is one such health tips that are very useful. And in your health and even in daily use, there is a simple recipe and method of immunity system, and common disease cough, cold, cold.

This is one such Ayurvedic treatment, which is available in every home. It is very easy to use, it is used by many people in India. It is found in every house. People worship him here.



You have to take three to four leaves of Shri Tulsi in the morning. And boil it in a glass of water, boil water in a large quantity, when the color of that water becomes pale yellow type, that is, the color of the water changes, then you have to drink that water.

As long as the water is hot before drinking, you have to inhale its steam. If you have a drop of basil, then you have to drink it by adding 5 & 6 drops to that water.

You have to drink this way three to four times a day, this will not only strengthen your immunity system but also correct leucorrhoea, cough, fever, muscle movement, accumulation of fat inside the abdomen.


Conclusion

In this post, I have given you a lot of important information related to health tips. I have tried to tell in detail about Ayurvedic treatment. I hope that you have liked this post, if you are satisfied with this information given by me, then tell me by commenting. How did you like this information? Follow me on Facebook, YouTube, please subscribe.

10 ayurvedi best tips sexual 

Friday, March 18, 2022

 Remedies at Home Ayurvedic herbs treat diseases in a variety of ways, including dietary changes, herbal remedies, and exercise. The basic principle of Ayurveda is to prevent and treat disease rather than react to maintain a balance between body, mind, and environment.

Ayurveda emphasizes maintaining health, preventing and treating disease through lifestyle (such as massage, meditation, yoga, and dietary changes), and the use of herbs. Some people use the Ayurvedic treatment to maintain health, reduce stress, and improve flexibility, strength, and stamina.

 


According to Ayurvedic philosophy, you can also use yoga, meditation, or consultation for the treatment of diseases. Ayurvedic doctors use methods such as diet, herbal medicine, exercise, meditation, breathing exercises, and physical therapy.

Health Best Ayurvedic herbs 

 

 

Remedies at the home health tip

Ayurvedic herbs are a major component of Ayurveda, the traditional medical practice of India. Ayurvedic herbs and spices are believed to protect your body from disease and bring many health benefits, including better digestion and mental health.

Instead, Ayurvedic herbs are used as part of a holistic point of view for health tip, which may include nutrition, yoga, massage, aromatherapy, and meditation. Along with Ayurvedic herbs, practitioners often use medicinal oils and spices to treat ailments and improve well-being.

 


Healers commonly use Ayurvedic herbs to "purify" the body, increase protection from illness and the mind, to maintain the balance of body and spirit. Since ancient times in Remedies at Home, we have used Ayurvedic herbs to treat various diseases, improve mental clarity, boost immunity, skin health, hair health, etc.

 


Herbs and other plants, including common oils and spices, are widely used in Ayurvedic treatments. As a rule, ashwagandha roots are used to prepare Ayurvedic remedies. Many popular Ayurvedic supplements have been made from ashwagandha.

 

 

 

Brahmi Ayurvedic herbs

 


Brahmi has been used for centuries to maintain memory and improve brain function. Brahmi, also known as Bacopa Monnier,

The elegant herb, oregano, is one of the best Ayurvedic herbs used since ancient times to treat nervous system disorders.

Brahmi, also known as Bacopa, is found in moist and tropical environments and is also used as an Ayurvedic herbs to improve memory, reduce anxiety, and treat epilepsy.

In Ayurvedic medicine, Guduchi is known as a "protector of the body" and is used to balance dosage and treat a variety of ailments, including arthritis, skin disorders, and fever.

health tip


Ayurveda is based on three key concepts: nidana (diagnostic measures), aahara (food serving as internal medicine), and kaya chikitsa (treatment of the body). Ayurvedic medicine uses highly personalized treatments for ailments and imbalances, including lifestyle changes, diet, a cleansing and detoxification process known as Panchakarma, and herbal compounds and medicines.

Herbs have been used for thousands of years to treat and prevent illness and disease, and are particularly important in Ayurvedic medicine. In this blog post, we will know what is Ayurvedic medicine and what is the importance of some common herbs used in Ayurveda.

 


A better understanding of the ingredients of Ayurvedic herbs and their role in Ayurveda can help us make better use of them to maintain good health in an Ayurvedic way. We can also better understand why Special Herbs is an integral part of Ayurvedic Prescription Medicines and helps in maintaining the effect of herbs through our diet and habits. If you are looking for a natural, systematic way to keep your brain healthy, then you can choose beneficial Ayurvedic herbs for your prescription.

 


It is important to discuss with your doctor any Ayurvedic remedies you use. Pregnant or lactating women and those who are considering using Ayurvedic medicine for a child should consult with their physician. In addition to cough medicines and syrups, you can use some simple Ayurvedic remedies to help you feel better.

 


Ayurvedic Herbal Medicines, Remedies at Home Like traditional medicines, CA may cause side effects, cause allergies, or interact with other medicines or herbs that you are taking.

Some of the products used in Ayurveda Remedies at Home include herbs, metals, minerals, or other ingredients that can be harmful if used improperly or without the direction of a qualified doctor. Since Ayurvedic herbs

Remedies at Home are largely unregulated in the United States and rarely undergo voluntary testing (by USP or other certifying bodies), so Remedies at Home pose some risk to consumers.

 


Ayurvedic Pharmacy includes more than 600 herbal formulas and 250 individual herbal remedies. Ayurveda has used thousands of herbs to treat ailments that derive active ingredients from the leaves, roots, flowers, and bark.

 


Ashwagandha erectile dysfunction (nightfall)

Ashwagandha (Withania somnife) is a highly respected herb in Ayurvedic medicine with many uses and preparations. Ashwagandha Ayurvedic practitioners use ashwagandha to treat psychogenic erectile dysfunction (nightfall), also known as Indian ginseng dysfunction or Indian ginseng.

This Remedies at Home remedy can help women who are suffering from a lack of energy and stamina. One of the most beneficial Ayurvedic herbs that can give energy is Ashwagandha.
Drink Ashwagandha powder of Ashwagandha with 3 to 5 grams of milk in the evening at bedtime. For more details click here or you can watch this video.

 

 

 

Cardamom, Fennel, and Ginger

Ayurvedic herbs and essential oils help increase blood flow through the skin, improve circulation and flush out toxins from the body. Suitable home remedies widely used in Ayurvedic herbal medicine are cumin, cardamom, fennel, and ginger, which treat indigestion and prevent bloating.

You have to take all these along with milk at bedtime in the evening. Keep the quantity between 3 to 5 grams. During this, do not consume cold drinks, mostly it is summer season, so drink lemonade.

 

 

Garlic and Milk Increase Sex Time health tip

Garlic and Milk Milk is one such remedy at home, by which you can teach your time during sex from 30 minutes to 40 minutes. Garlic is considered a powerful herb in Ayurveda. And you know about milk that it contains many vitamins.


You have to take four gates of garlic, and you have to take half a liter of milk, you have to put the milk on the country to burn. You can see in this video how to make it. I told you how

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Wednesday, March 2, 2022

Remedies at Home आयुर्वेदिक दवा कई तरह से बीमारियों का इलाज करती है, जिसमें आहार परिवर्तन, herbal remedies और व्यायाम शामिल हैं। आयुर्वेद का मूल सिद्धांत शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिक्रिया करने के बजाय बीमारी को रोकने और उसका इलाज करना है।

आयुर्वेद Ayurveda जीवन शैली (जैसे मालिश, ध्यान, योग और आहार परिवर्तन) और जड़ी-बूटियों के उपयोग के माध्यम से स्वास्थ्य को बनाए रखने, बीमारी को रोकने और इलाज करने पर जोर देता है। कुछ लोग स्वास्थ्य को maintain रखने, तनाव कम करने और Flexibility, ताकत और सहनशक्ति में सुधार के लिए आयुर्वेदिक the treatment का उपयोग करते हैं।

 

Ayurvedic philosophy के अनुसार, आप बीमारियों के इलाज के लिए योग, ध्यान या Consultation का भी उपयोग कर सकते हैं। आयुर्वेदिक doctor आहार, हर्बल दवा, व्यायाम, ध्यान, सांस लेने के Exercise और physical therapyजैसे तरीकों का उपयोग करते हैं।

 

 

Remedies at Home medical practice

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ भारत की पारंपरिक medical practice, आयुर्वेद का एक प्रमुख घटक हैं। माना जाता है कि Ayurvedic Herbs और मसाले आपके शरीर को बीमारी से बचाते हैं और बेहतर पाचन और mental health सहित कई स्वास्थ्य लाभ लाते हैं।

इसके बजाय, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग health के लिए एक समग्र point of view के हिस्से के रूप में किया जाता है, जिसमें पोषण, योग, मालिश, aromatherapy और ध्यान Remedies at Home शामिल हो सकते हैं। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के साथ, चिकित्सक अक्सर बीमारियों के इलाज और भलाई में सुधार के लिए औषधीय तेलों और मसालों का उपयोग करते हैं।

 

चिकित्सक आमतौर पर आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग शरीर को "शुद्ध" करने, Increase protection from illness and the mind, शरीर और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने के लिए करते हैं। प्राचीन काल से Remedies at Home, हमने विभिन्न रोगों के इलाज, improve mental clarity, immunity को बढ़ावा देने, त्वचा के स्वास्थ्य, बालों के स्वास्थ्य आदि के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का उपयोग किया है।

 

आम तेल और मसालों सहित जड़ी-बूटियों और अन्य पौधों का व्यापक रूप से आयुर्वेदिक उपचार में उपयोग किया जाता है। एक नियम के रूप में, अश्वगंधा ashwagandha जड़ों का उपयोग आयुर्वेदिक उपचार तैयार करने के लिए किया जाता है। ashwagandha से कई लोकप्रिय आयुर्वेदिक Supplements बनाए गए हैं।

 

 

Brahmi ayurvedic 

 

ब्राह्मी (Brahmi) का उपयोग सदियों से याददाश्त को बनाए रखने और Brain के कार्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाता रहा है। ब्राह्मी, जिसे Bacopa Monneri के नाम से भी जाना जाता है,

सुरुचिपूर्ण जड़ी बूटी, अजवायन की पत्ती, तंत्रिका तंत्र विकारों के इलाज के लिए प्राचीन काल से उपयोग की जाने वाली सबसे अच्छी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है।

ब्राह्मी, जिसे बकोपा के नाम से भी जाना जाता है, नम और उष्णकटिबंधीय tropical वातावरण में पाया जाता है और इसका उपयोग Commemoration में सुधार, चिंता को कम करने और मिर्गी के इलाज के लिए आयुर्वेदिक उपचार के रूप में भी किया जाता है।

आयुर्वेदिक चिकित्सा में, गुडुची को "शरीर की रक्षा करने वाले" के रूप में जाना जाता है और इसका उपयोग खुराक को संतुलित करने और गठिया, त्वचा विकार और बुखार सहित कई तरह की बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है।

 

आयुर्वेद तीन प्रमुख अवधारणाओं पर आधारित है: निदान (diagnostic measures), अहार (food serving as an internal medicine) और काया चिकित्सा (treatment of the body)। आयुर्वेदिक चिकित्सा बीमारियों और असंतुलन के लिए अत्यधिक व्यक्तिगत उपचार का उपयोग करती है, जिसमें lifestyle changes, आहार, एक सफाई और detoxification प्रक्रिया जिसे Panchakarma के रूप में जाना जाता है, और हर्बल यौगिक और दवाएं शामिल हैं।

Weight Remedies at Home

जड़ी-बूटियों का उपयोग हजारों वर्षों से बीमारी और बीमारी के इलाज और रोकथाम के लिए किया जाता रहा है, और आयुर्वेदिक चिकित्सा में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। इस blog post में हम जानेंगे कि आयुर्वेदिक दवा क्या है और आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली कुछ सामान्य जड़ी-बूटियों का क्या महत्व है।

 

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के अवयवों की बेहतर समझ और आयुर्वेद में उनकी भूमिका हमें आयुर्वेदिक तरीके से अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उनका बेहतर उपयोग करने में मदद कर सकती है। हम यह भी बेहतर ढंग से समझ सकते हैं कि क्यों एक Special Herbs Ayurvedic Prescription Medicines का एक अभिन्न अंग है और हमारे आहार और आदतों के माध्यम से जड़ी-बूटियों के प्रभाव को बनाए रखने में मदद करती है। यदि आप अपने healthy brain रखने के लिए एक प्राकृतिक, systematic तरीके की तलाश कर रहे हैं, तो आप अपने नुस्खे के लिए लाभकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का चयन कर सकते हैं।

 

आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले किसी भी आयुर्वेदिक उपचार के बारे में अपने डॉक्टर से चर्चा करना महत्वपूर्ण है। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं और जो लोग बच्चे के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा का उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं, उन्हें अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। खांसी की दवाओं और सिरप के अलावा, आप बेहतर महसूस करने में मदद करने के लिए कुछ सरल आयुर्वेदिक उपचारों का उपयोग कर सकते हैं।

 

आयुर्वेदिक हर्बल दवाएं, Remedies at Home पारंपरिक दवाओं की तरह, सीए साइड इफेक्ट का कारण बनता है, एलर्जी का कारण बनता है, या अन्य दवाओं या जड़ी-बूटियों के साथ Mutual action करता है जो आप ले रहे हैं Remedies at Home

आयुर्वेद Remedies at Home में उपयोग किए जाने वाले कुछ उत्पादों में जड़ी-बूटियां, धातुएं metals, खनिज या अन्य सामग्रियां शामिल हैं जो किसी योग्य doctor के निर्देश के बिना या अनुचित तरीके से उपयोग किए जाने पर हानिकारक हो सकती हैं। चूंकि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां संयुक्त राज्य अमेरिका में बड़े पैमाने पर अनियंत्रित हैं और शायद ही कभी स्वैच्छिक परीक्षण (by USP or other certifying bodies) से गुजरती हैं, इसलिए Remedies at Home उपभोक्ताओं के लिए कुछ जोखिम पैदा करती हैं।

 

Ayurvedic Pharmacy includes 600 से अधिक हर्बल फ़ार्मुले और 250 व्यक्तिगत हर्बल उपचार शामिल हैं। आयुर्वेद ने हजारों जड़ी-बूटियों का उपयोग बीमारियों के इलाज के लिए किया है जो पत्तियों, जड़ों, फूलों और छाल से सक्रिय तत्व प्राप्त करते हैं।

 

Ashwagandha erectile dysfunction (nightfall

Ashwagandha (Withania somnife) कई उपयोगों और तैयारियों के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा में एक अत्यधिक सम्मानित जड़ी बूटी है। अश्वगंधा आयुर्वेदिक चिकित्सक psychogenic erectile ( धात) dysfunction (नाईट फ़ैल ) के इलाज के लिए अश्वगंधा का उपयोग करते हैं, जिसे dysfunction या भारतीय जिनसेंग Indian ginseng भी कहा जाता है।

यह Remedies at Home उपाय उन महिलाओं की मदद कर सकता है जो ऊर्जा और सहनशक्ति की कमी से पीड़ित हैं। सबसे फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों में से एक जो ऊर्जा दे सकती है वह है Ashwagandha।
अश्वगंधा Ashwagandha की पाउडर को शाम को सोते समय 3 से 5 ग्राम दूध के साथ पिए। बाकी जानकारी के लिए आप यहां क्लिक करें या इस वीडियो में देख सकते हैं।

 

 

इलायची, सौंफ और अदरक Cardamom, Fennel and Ginger

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां और आवश्यक तेल त्वचा के माध्यम से blood flow को बढ़ाने, circulation में सुधार और शरीर से toxic पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। आयुर्वेदिक हर्बल दवाओं में Comprehensive रूप से उपयोग किए जाने वाले उपयुक्त घरेलू उपचार Remedies at Home जीरा, इलायची, सौंफ और अदरक हैं, जो अपच का इलाज करते हैं और सूजन को रोकते हैं।

इन सब को भी आप शाम को सोते समय दूध के साथ ही लेना है। मात्रा 3 से 5 ग्राम के बीच में ही रखें। इस दौरान cold drinks का सेवन ना करें ज्यादातर गर्मी का मौसम है तो नींबू पानी पिए।

 

 

लहसुन और दूध सेक्स टाइम बढ़ाएं Garlic and Milk Increase Sex Time

लहसुन Garlic और दूध Milk एक ऐसी रेमेडीज अट होम है, जिससे आप अपना सेक्स के दौरान टाइम 30 मिनट से लेकर 40 मिनट तक पढ़ा सकते हैं। आयुर्वेद में लहसुन को एक पावरफुल जड़ी बूटी माना जाता है। और दूध का तो आपको पता ही है कि इसमें बहुत सारे विटामिन होते हैं।


आपको लहसुन की चार गेट लेनी है, और आधा लीटर आपको दूध लेना दूध को आपको देश पर रख देना है जलने के लिए। बनाने का जो तरीका है यह आप इस वीडियो में देख सकते हैं। Remedies at Home मैंने इसका तरीका बता दिया

Saturday, February 12, 2022

आज के इस ब्लॉग में मैं आपको आयुर्वेदिक उपचार के साथ पांच हेल्थ टिप्स 5 Best Health Tips Ayurvedic at Home बताने जा रहा हूं।


5 Best Health Tips Ayurvedic at Home free



1, Health Tips उपाय है खुद को सर्दी-खांसी से ठीक करना। 


दूसरा Health Tips है व्यायाम करके तनाव से छुटकारा। 

तीसरा, तीसरा वजन घटाने के लिए है। चौथा यह है कि बीमारियों से बचने के लिए अपने आहार को कैसे मजबूत किया जाए। और पांचवां, यह आपको बताता है कि आप ध्यान और व्यायाम से अपने मूड को कैसे सुधार सकते हैं।



तो, कृपया इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ते रहें और इन 5 Best Health Tips Ayurvedic at Home को जानें!



1 - सर्दी और खांसी से खुद का इलाज करें.

#2 - व्यायाम करके तनाव दूर करें.

#3 - अपने आहार से वजन कम weight loss  करें.

#4 - रोगों से बचने के लिए अपने आहार को मजबूत करें..

#10 - ध्यान और व्यायाम से अपना मूड सुधारें.




Health Tips Ayurvedic food items



#1 सर्दी और खांसी से खुद का इलाज करें

अगर आपको सर्दी या खांसी है तो सरसों के तेल की एक बोतल लें और उसके एक भाग को 100 भाग पानी में मिला लें। अब जब आपने इसे बना लिया है, तो good health के लिए उस पानी को पिएं। याद रखें, अगर आपको सर्दी है तो गर्म रहें और अगर आपको खांसी है तो मसालेदार भोजन से बचें।


#2 व्यायाम करके तनाव दूर करें |


अपने शरीर से तनाव को दूर करने के लिए नियमित रूप से प्राणायाम के साथ व्यायाम करें। हो सके तो सुबह जल्दी व्यायाम करें क्योंकि उस समय आपका मन शांत रहेगा। 


आप अपने शरीर, मन और आत्मा से तनाव को दूर करने के लिए सुबह-सुबह प्राणायाम के साथ व्यायाम कर सकते हैं।


#3 अपने आहार से lose weight करें

खाना बनाते समय कुछ मसालों का प्रयोग करें। मसाले बिना कैलोरी बढ़ाए भोजन की मात्रा बढ़ा सकते हैं। इसका मतलब है कि आप अतिरिक्त वजन के बिना इनमें से अधिक खाद्य पदार्थ खा सकते हैं। इसलिए कोशिश करें कि खाना बनाते समय कुछ मसालों का इस्तेमाल करें।


रोजाना सब्जियां और फल खाएं क्योंकि इससे न सिर्फ वजन कम होगा, immune system बल्कि आपके शरीर और दिमाग के लिए भी भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होंगे। साथ ही खाने के बाद अदरक, लौंग और इलायची से बनी एक कप गुनगुनी चाय पिएं जिससे वजन कम करने में मदद मिलेगी। digestive system अच्छा रहेगा |




#4 बीमारियों से बचने के लिए अपने आहार को मजबूत करें


अगर आप अपनी डाइट को मजबूत करना चाहते हैं तो आपको नाश्ता जरूर करना चाहिए। नाश्ता आपके तन, मन और आत्मा को मजबूत बनाएगा। मूसली के साथ नाश्ता करना सेहत के लिए बेहतर होता है। 


अगर आपके पास सुबह मूसली लेने का समय नहीं है तो सैंडविच, बर्गर या पिज्जा जैसे फास्ट फूड खाने के बजाय होल व्हीट ब्रेड टोस्ट या ओटमील लें। इससे  health issues कम आते है .


#5 ध्यान और व्यायाम से अपने मूड में सुधार करें

सुबह सबसे पहले व्यायाम करें क्योंकि उस समय आपका मन और विचार साफ रहेगा। उसके बाद नियमित रूप से ध्यान करने की कोशिश करें क्योंकि इससे आपका मूड बेहतर होगा।





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  • Amla। आंवला या भारतीय आंवला रक्तचाप के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक दवा है। ...

  • Gotu Kola। गोटू कोला जिसे भारतीय पेनीवॉर्ट भी कहा जाता है, आमतौर पर पारंपरिक चीनी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोग किया जाता है। ...

  • अश्वगंधा। ...Ashwagandha 

  • लहसुन। ...Garlic. 

  • शहद।      Honey.

5 Best Health Tips Ayurvedic at Home free इन पांचों को आप जरूर आजमाएं और अपना फायदा जरूर ले। 



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मैं आपको कुछ ऐसे फल बताऊंगा, जिन्हें आप खाएंगे तो आसानी से easy to digest जाएंगे। ताकि आपका पाचन तंत्र खराब न हो। साथ ही आपको गर्म पानी warm water का सेवन करना चाहिए। अगर सर्दी का मौसम है तो आप गर्म पानी सुबह से लेकर शाम तक लगातार ही पिए। 





आपको मेरी यह पोस्ट 5 Best Health Tips Ayurvedic at Home free और यह जानकारी कैसी लगी आप मुझे बताएं।  कमेंट करें साथ ही मेरे चैनल और फेसबुक पर मुझे फॉलो जरूर करें।




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Tuesday, October 5, 2021

सलाम वालेकुम दोस्तों मैं सुकून अत आप सभी का फिर से स्वागत करती हूं मैं अपने ब्लॉगर पर


मैं इस पोस्ट में एक रोचक और बेहतरीन शानदार कहानी आपको बताऊंगी

यह कहानी एक बंदर और एक मगरमच्छ की है
         The  Monkey and
             The Crocodile


एक बंदर एक नदी के किनारे फलदार पेड़ पर रहता था

उसने एक दिन एक मगर से दोस्ती कर ली उसे स्वादिष्ट फल खाने को दिए और कुछ उसकी पत्नी के लिए भेजें


वह नियमित मिलते थे और बातें करते थे बंदर पेड़ पर रहता था और मगर नीचे धर

एक नदी के किनारे फलों से लदे हुए वृक्ष पर एक बंदर का घर था वह वहां बहुत खुश था तथा जी भर कर अपनी पसंद के फल खाया करता था

बंदर बहुत खुश था लेकिन अकेला था उस से बातें करने के लिए तथा फलों को बांट कर खाने के लिए एक साथी की जरूरत थी लेकिन वहां आसपास कोई नहीं था कोई बंदर भी नहीं एक दिन मगरमच्छ नदी के किनारे आया



बंदर ने उसे नमस्कार किया तथा बोला क्या तुम इस नदी में रहते हो क्या तुम फल खाना पसंद करोगे

मगरमच्छ ने नर्मतापूर्वक उसके नमस्कार का उत्तर दिया और बोला मैं यहां अपनी पत्नी और अपने लिए खाने की खोज में आया था मुझे फल देने की कोशिश करके आपने अच्छा किया

बंदर ने सबसे निकट वाले टहनी से कुछ फल तोड़े तथा नीचे फेंक दिए मगरमच्छ को वह बहुत स्वादिष्ट लगे वह बोला धंयवाद क्या मैं अगले बार भी कुछ फल ले सकता हूं

 बंदर ने जवाब दिया बिल्कुल जितना चाहो अपने लिए तथा अपनी पत्नी के लिए ले जा सकते हो दोबारा आना मैं यहां बिल्कुल अकेला होता हूं



मगरमच्छ अब निरंतर बंदर hindi moral stories



मगरमच्छ अब निरंतर बंदर के पास आता और अपने मेजबान द्वारा फेंके गए फलों को खाता वह कुछ फल अपनी पत्नी के लिए घर भी ले जाता बंदर और मगरमच्छ अब बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे वह खूब बातें करते तथा बातें करते हुए कभी न थकती वह पक्षियों और जानवरों की बातें करते आस-पास के गांव में रहनेवाले गांव वालों को बरसात की कमी के कारण फसलें उगने में जो मुश्किलें आए वह इस बारे में भी बात करते थे

 एक दिन मगरमच्छ को बंदर के साथ अन्य दिनों के मुकाबले कुछ ज्यादा ही वक्त लग गया उसकी पत्नी को इंतजार करते बहुत गुस्सा आया और उसे अपने नवजात शिशुओं को भी अकेले ही संभालना पड़ा वह बोली यह तुम्हारा कौन सा देश है जो तुम्हें इतना प्यारा है


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          मगरमच्छ बोला वह एक बहुत प्यारा बंदर है वह एक फल के पेड़ पर रहता है वह प्रतिदिन तुम्हारे लिए फल भेजता है क्या तुम सोचती हो मैं पेड़ों पर चढ़ता हूं

एक अच्छा बंदर मगरमच्छ की पत्नी सपष्ट कथा बोलते हुए बोली यदि आप मुझसे पूछो तो यह बंदर मेरा भोजन होना चाहिए मेरा उसका दिल खाने की बहुत इच्छा है

मगरमच्छ चिल्लाया कितनी मूर्खतापूर्ण बातें करती हो मैं एक दोस्त को नहीं मार सकता लेकिन स्वाद बदलने के लिए मुझे कभी-कभी बंदर खाना बुरा नहीं लगेगा 

मगरमच्छ की पत्नी ने आदेश दिया तुम उसे यहां लाओ मैं उसे देखना चाहती हूं उसके पति ने घोषणा की इसलिए कि तुम उसे खा सको कदापि नहीं उसकी पत्नी अत्याधुनिक रोस्ट हो गई और बच्चों को अपने पिता को तंग करने के लिए छोड़ कर नदी के तल में जाकर छुप गई

मगरमच्छ गंभीर असमंजस में पड़ गया वह अपनी पत्नी से प्यार करता था लेकिन उसे अपना मित्र भी बहुत प्रिय था आखिरकार उसने पत्नी का साथ देने का निश्चय किया वह उसकी जीवनसाथी थी उसने अपने आप से कहा मैं जानता हूं एक दोस्त से धोखा करना पाप है लेकिन मेरे पास कोई विकल्प नहीं है मैं बंदर को अपने घर आमंत्रित करुंगा तथा आशा करता हूं सब भला हो मगरमच्छ जब अगली बार बंदर के पास गया बोला मेरी पत्नी तुम्हें भोजन के लिए बुला रही है तुम आज मेरे घर चलो


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बंदर बोला बहुत खुशी से मुझे तैरना नहीं आता लेकिन मैं तुम्हारी पीठ पर सवारी कर लूंगा और वह निकल पड़े
      नदी के बीच में जहां पानी का बहाव तेज था मगरमच्छ अपनी इच्छा ज्यादा देर तक ना चुका सका वह हिचकिचाते हुए बोला दोस्त क्षमा करना मुझे अब पानी के नीचे जाना पड़ेगा मैं तुम्हें मारने के लिए आया हूं मेरी पत्नी तुम्हारा दिल खाए बिना जीवित नहीं रह सकती अलविदा

बंदर बहुत डर गया और मुश्किल में पड़ गया लेकिन वह सब बंदरों की भांति समझदार और चतुर था वह शांत रहावे शांतिपूर्वक बोला मैं तुम्हारे और तुम्हारे परिवार के लिए कुछ भी कर सकता हूं तुम मेरे इकलौते दोस्तों एक मगरमच्छ की पत्नी के जीवन के सामने एक बंदर के दिल का क्या मूल्य है लेकिन तुम इतने मूर्ख कैसे हो सकते हो तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया मैं अपना दिल साथ लेकर आता



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मगरमच्छ अनजान की बनती बोला लेकिन तुम्हारा दिल कहां है मैं सोचता था कि तुम हमेशा उसे अपने साथ लेकर चलते हो
         बंदर विश्वास जीते हुए बोला निसंदेह नहीं वह तो पेड़ पर है जल्दी वापस चलो और उसे लेकर आओ तुम्हारी पत्नी इंतजार कर रही होगी

मगरमच्छ फब करते हुए बोला कितनी गलती हो गई मगरमच्छ ने पेड़ पर पहुंचने के लिए एक बड़ा चेक कर लिया तो दोनों जोर से हंसने लगे
  नदी के किनारे पहुंचकर बंदर ने पेड़ के ऊपर छलांग लगाई और चैन की सांस ली उसने पेड़ से कुछ फल तोड़ते हुए नीचे फेंकते हो ना तुम अपनी पत्नी को मेरे दिल की जगह कुछ फल देना ताजे फल शरीर और दिमाग के लिए अच्छे होते हैं अलविदा दोस्त और तुम बुरा ना मानो हम अब कभी नहीं मिलेंगे दुखी मगरमच्छ को अब समझदार हो चला था कुछ अच्छे आंसू बहाए और घर की ओर बढ़ा वह अपनी पत्नी को एक दो बातें बताने की जल्दी में था



निष्कर्ष



कैसी लगी आपको मेरी यह स्टोरी प्लीज आप मुझे कमेंट में बताएं शेयर जरूर कीजिए और Facebook पर भी मुझे बता सकते हैं मेरा परिचय सुकूनत m b h नाम से और मेरा Facebook page sakunat love dose pe




Sunday, October 3, 2021

 नमस्ते, आज हम बात करने जा रहे हैं जोखिम लेने की क्षमता के बारे में कि क्यों कम होती है आत्मविश्वास, जोखिम लेने की क्षमता में क्या अंतर है, हिंदी में, आत्म-सम्मान क्या जीवन में यह सब आवश्यक है, आप आज के लेख में जानेंगे। risk taking capacity


risk taking capacity


जोखिम क्या है (risk taking capacity)


सरल शब्दों में, जोखिम कुछ बुरा होने की संभावना है। जोखिम में किसी ऐसी चीज़ के संबंध में किसी गतिविधि के प्रभाव/निहितार्थ के बारे में अनिश्चितता शामिल होती है जिसे मनुष्य महत्व देता है (जैसे स्वास्थ्य, कल्याण, धन, संपत्ति, या पर्यावरण), अक्सर नकारात्मक, अवांछनीय परिणामों पर ध्यान देने के साथ।

जैसे मेरा सपना आईपीएस अधिकारी बनने का है, लेकिन अब मैं निजी क्षेत्र में काम करता हूं, या नौकरी करता हूं या ड्राइविंग करता हूं। आप जो भी समझ लें, समझ लें कि मैं इस मजाक को फिलहाल नहीं छोड़ना चाहता, अगर मैं यह नौकरी छोड़ दूं तो मेरे पास पैसे नहीं होंगे।

मैं अपने खर्चों का प्रबंधन कैसे करूंगा? मैं आईपीएस अधिकारी बन गया हूं लेकिन मुझे डर है कि अगर मैंने यह नौकरी छोड़ दी तो मुझे बहुत परेशानी होगी। इसे ही जोखिम कहते हैं।




आपकी जोखिम लेने की क्षमता क्या है? आपकी जोखिम की भूख?  risk taking capacity


आपकी जोखिम लेने की क्षमता क्या है. risk taking capacity

जोखिम क्षमता जोखिम के बारे में आपकी भावनाओं पर आधारित नहीं है। यह भी किसी विशेष निवेश पर आधारित नहीं है। इसके बजाय, यह इस बात से संबंधित है कि आप कितना जोखिम उठा सकते हैं। और यह आपकी वित्तीय स्थिति के साथ-साथ आपकी उम्र और आपके द्वारा निवेश किए गए समय से भी संबंधित है।


जोखिम सहिष्णुता

जोखिम लेने की आपकी इच्छा

जब आप उच्च संभावित रिटर्न का पीछा करते हैं तो निवेश हानियों के प्रभाव को अवशोषित करने की आपकी क्षमता।


जोखिम क्षमता

जोखिम सहनशीलता आपके व्यक्तित्व, आपके विश्वासों और आपके निवेश अनुभव को दर्शाती है

जोखिम क्षमता आपकी उम्र, आय और वित्तीय लक्ष्यों के साथ बदलती रहती है






जोखिम लेने की क्षमता हिंदी में  risk taking capacity 


जोखिम के लिए अपनी क्षमता का आकलन करते समय, अपने आप से पूछें: "मेरे पास कितना समय है? क्या मेरे पास निवेश करने के लिए कई साल हैं? या क्या मुझे अपने निवेश खाते से जल्द ही पैसा निकालना होगा?" समय के साथ,

बाजार आमतौर पर नुकसान से उबरते हैं और सकारात्मक वर्षों की संख्या नकारात्मक से कहीं अधिक होती है, इसलिए डाउन मार्केट के दौरान निवेशित रहने की आपकी क्षमता एक महत्वपूर्ण विचार है।

निवेश के निर्णय लेते समय, अपनी समग्र वित्तीय स्थिति पर विचार करें और आप किसी भी नुकसान से कितनी अच्छी तरह निपट सकते हैं। अगर आप हर साल अपनी आमदनी का एक बड़ा हिस्सा बचा पाते हैं, या आपके पास दूसरे स्रोतों से ज्यादा पैसा उपलब्ध है,

इसलिए आप बाजार में किसी भी मंदी का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं क्योंकि जोखिम लेने की क्षमता बहुत अच्छी होती है। इसी को ही risk taking capacity क्षमता कहते हैं | 






यह जोखिम लेने की क्षमता कम क्यों है?  risk taking capacity low


क्योंकि आपकी जोखिम लेने की क्षमता बहुत कम हो गई है….अब आप एक अलग जीवन स्तर या जीवन शैली के आदी हो गए हैं,

आपकी देनदारियां बढ़ गई हैं, आप नौकरी छोड़ने या अपना व्यवसाय बदलने का जोखिम उठाने में असमर्थ हैं,

आप अपने आप को एक ऐसी जगह पाते हैं जहाँ एक महीने तक बैठना नामुमकिन सा लगता है !! और यह आपका FAILURE बन जाता है।

अब आपको अपने आप को एक अवांछित दिमाग से उसी काम में व्यस्त रखना है, जो आपको पैसे देता है लेकिन संतुष्टि नहीं दे पाता है और ज्यादातर मामलों में न तो पर्याप्त पैसा दे पाता है और न ही संतुष्टि। जोखिम लेने की क्षमता risk taking capacity कम हो जाती हैं 




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जोखिम प्रबंधन


अगर आप अभी तक इस तरह की स्थिति में नहीं फंसे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:

जो काम आपको दिल से पसंद न हो उस काम में आगे बढ़ने की कोशिश न करें। और भले ही हम अपने जुनून को नहीं जानते हों, लेकिन यह जानना आसान है कि हमें क्या पसंद नहीं है।

इसलिए ऐसे काम में सफल होना बेकार है जो आपको पसंद नहीं है। उदाहरण के लिए, आप एक बिक्री और विपणन नौकरी में हैं और आपको यह नौकरी पसंद नहीं है तो आप इस नौकरी में पदोन्नति पाने के लिए काम नहीं करते हैं,

बस काम चलाने के लिए काम करो। थोड़ा मुश्किल है

लेकिन आपको ऐसा करना ही होगा क्योंकि जिस काम को आप पसंद नहीं करते उससे पैसे कमाने की आदत डाल लेने से आप असफल हो सकते हैं।



3 खाली समय (3 free times)


जब तक आपको अपने दिमाग का काम नहीं मिल जाता, तब तक कुछ ऐसा करने की कोशिश करें जो आपको ज्यादा से ज्यादा खाली समय दे सके। और इस खाली समय का उपयोग अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए करें।


अपनी देनदारियों को सीमित रखें, खासकर ऐसा कोई कर्ज न लें जिसकी ईएमआई आपके काम में व्यस्त रहने की मजबूरी बन जाए। ऐसे कर्ज लेना तभी ठीक रहेगा जब आपके दिमाग के काम से पैसा आ रहा हो।


अपनी वास्तविक रुचि और पसंद की खोज करते रहें, और जहाँ तक संभव हो उस दिशा में कुछ कदम उठाने का प्रयास करें।

ये कदम भले ही बहुत छोटे हैं, लेकिन इतना तय है कि हर कदम आपको आपकी मंजिल के करीब ले जाएगा। वह। 3 खाली समय






सही विकल्प (जोखिम लेने की क्षमता)


सही चुनाव करने का क्या मतलब है? दिए गए अर्थ के लिए

इसका मतलब है कि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करके अपने दिमाग का काम करते हैं। इसके लिए आपको अपनी रुचि से संबंधित वेबसाइट/ब्लॉग बनाना या बनाना होगा।

उदाहरण के लिए, यदि आप शेफ बनना चाहते हैं और वर्तमान में आईटी की नौकरी में फंस गए हैं, तो आप एक फूड ब्लॉग बना सकते हैं और उस पर विभिन्न प्रकार की रेसिपी और कुकिंग टिप्स पोस्ट कर सकते हैं।

अगर आप अपनी खुद की ट्रैवल कंपनी शुरू करना चाहते हैं तो ट्रैवल से संबंधित ब्लॉग बनाएं… और इसी तरह।

तब-उद-दीन ऐबक भारत का सुल्तान बन गया



आत्म सम्मान (risk taking capacity)


आप घर बैठे अपनी रुचि से जुड़े क्षेत्र में कुछ प्रगति करने में सफल रहेंगे। और चूँकि आप इस काम को कहीं भी और कभी भी कर सकते हैं, इसलिए इसके आगे बढ़ने और आगे बढ़ने की संभावना बहुत अधिक होती है।

आपके सही चुनाव क्षेत्र में आत्मसम्मान बेहतर होगा। और अगर भविष्य में आप इसे शारीरिक रूप से करना चाहते हैं, तो यह स्वाभिमान आपके बहुत काम आएगा।

ब्लॉग पर लगातार काम करने से बहुत से लोग आपको जानेंगे और यहां से कोई ऐसा मौका मिल सकता है जो आपको आपकी रुचि से जुड़ा अच्छा-खासा मौका दे सकता है।

आपका ब्लॉग आपको आय का एक वैकल्पिक स्रोत भी दे सकता है जो अंततः आपकी देनदारियों को कम करने में सहायक होगा।

दोस्तों, मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे समय पर एहसास हुआ कि मेरे दिल के काम को खोजने से पहले भौतिक रूप से विस्तार करना मूर्खता है;

जब तक आप भी उस काम से पैसा कमाना शुरू नहीं करते जिसके लिए आप जुनूनी हैं, तब तक अपने आप को विस्तार करने से रोकें।

जॉर्ज बर्न्स ने यह भी कहा कि आप जिस चीज से नफरत करते हैं, उसमें सफल होने की तुलना में आप जो चाहते हैं उसमें असफल होना बेहतर है।




जोखिम लेने की क्षमता से लड़ें (risk taking capacity)


आप जिस भी स्थिति में हैं… समर्पण मत करो… अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लड़ते रहो… जीवन के खेल में एक बॉक्सिंग मैच की तरह, जो गिर जाता है वह हारता नहीं है,

हारने वाला वो होता है जो उठने से इंकार कर देता है... हार मत मानो चाहे कितनी ही बार गिरे, उठो और तमाम मुश्किलों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करो।

हमें हर हाल में लड़ना है। और जब हम लड़ना सीख जाएंगे तो जोखिम risk taking capacity  उठाने की क्षमता अपने आप मजबूत हो जाएगी। इसके लिए हमें अपने आत्मविश्वास को काफी मजबूत करना होगा।




खुद पे भरोसा (self confidence)


इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि जीवन में सफलता पाने के लिए आत्मविश्वास एक बहुत ही महत्वपूर्ण गुण है। यह गुण आप हर उस व्यक्ति में देखेंगे जो जीवन में किसी मुकाम पर पहुंच गया है,

चाहे वो कोई फिल्मी स्टार हो, क्रिकेटर हो, आपके पड़ोस में कोई हो या फिर आपको पढ़ाने वाला टीचर हो। आत्मविश्वास एक ऐसा गुण है जो हर किसी में होता है, किसी में कम तो किसी में ज्यादा।

लेकिन जरूरत इस बात की है कि आप अपने वर्तमान आत्मविश्वास self confidence के स्तर को बढ़ाएं और इसे एक नए और बेहतर स्तर पर ले जाएं। और मैं आपके साथ कुछ ऐसी ही बातें शेयर करूंगा जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मददगार हो सकती हैं।




कम आत्मविश्वास (low self cofidence,)


मैं यहाँ से जो कुछ भी लिख रहा हूँ वह इस  का सबसे महत्वपूर्ण विषय है। कम आत्मविश्वास, low self cofidence, दोस्तों इसे  कभी कम न होने दें।

ऐसा नहीं है कि आपको अपने आत्मविश्वास को कम करने का मौका नहीं मिलेगा। हजारों तरकीबें मिल जाएंगी, लेकिन आत्मविश्वास की कमी न होने दें, अगर यह काम किया जाए तो आप जीवन में फिर कभी सफल नहीं होंगे। जोखिम लेने की क्षमता

मैं खुद इसका उदाहरण हूं। मैं पिछले 5 साल से ब्लॉगिंग कर रहा हूं, कभी ट्रैफिक बहुत आता है तो कभी नहीं आता। आमतौर पर रोजाना 100 से 300 के बीच आते हैं।

मेरा दिल टूट जाता है, मुझे लगता है कि मुझे इसे छोड़ देना चाहिए। यह मेरे लिए नहीं बना है। मैं कुछ देर के लिए या एक दिन के लिए भी सोचता हूं।

फिर मैं अपना आत्मविश्वास वापस सुधारता हूं। ब्लॉगिंग शुरू करें, मुझे उम्मीद है कि मैं बेहतर करूंगा।

लेकिन वही परिणाम मिला।

मैं इस ब्लॉग से परे बहुत सारे ब्लॉग लिखूंगा। आप मेरे ब्लॉग को बाद में देख सकते हैं। इसी तरह अपने आत्मविश्वास को कभी कम न होने दें।

जीवन में सफल होना है तो समय लगता है, जीवन में सफल होने के लिए शार्टकट ना अपनाएं। अगर हमें जीवन में जीना है तो हमें जोखिम उठाना ही होगा और जब हम जोखिम लेंगे तभी हमारी जोखिम लेने की क्षमता बढ़ेगी



Plan Kya hai jane abhi


मेवाती सपया  निष्कर्ष


मुझे उम्मीद है कि मेरे द्वारा दी गई इस जानकारी से आप जान गए होंगे कि जोखिम लेने की क्षमता और आत्मविश्वास क्या है। जोखिम लेने की क्षमता और आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं। risk taking capacity और जीवन में इनका क्या महत्व है? आप समझ ही गए होंगे कि अगर अभी भी आपके मन में कोई शंका है तो आप मुझे कमेंट करके पूछ सकते हैं। मैं आपको अपना सर्वश्रेष्ठ उत्तर देने का प्रयास करूंगा।




Mewati History Blogs



Monday, September 6, 2021

 Hi, aaj ke is article mein mein main aaj ek aur nai post lekar aaya hun is post mein main aapko bataunga aloe vera se piles ka ilaj kaise hota hai


Piles kya hai aur kya kya iske lakshan hai Kaun si hai bimari hai hai aur aloe vera kya hai aloevera mein kaun se aise gun paye jaate Hain jisse a piles ka ilaaj ho sakta hai yah sab janenge Aaj is post mein

Aloe Vera kya hai


Aloe Vera se piles ka ilaj kaise hota hai

Aloevera fibre juice ka istemal karne se a pet ki jo samasya door hoti hai , chahe vah pachan sakti ho ho ya FIR aanthon ki Safai Ho | pet se related har EK ek bimari lagbhag aloe vera fibre usse khatm Ho jaati hai | ISI ke antargat piles bhi aati hai piles ki shuruaat pet se hi hoti hai | piles jyadatar lambe samay Tak baithe Rahane se | ya FIR lambe samay Tak pachan kriya kharab Rahane se Piles 100% percent start hoti hai. | Aloevera peene se pet Puri tarah se saaf ho jata hai | yahi hi ek Karan hai ki aloevera se piles ka ilaaj ho jata hai aage chalkar main aapko kuchh aur chijen aage chalkar main aapko kuchh aur chijen bhi bataunga.




Aloe Vera kya hai


Aloevera jungle mein paye jane wali ek aushadhi hai iske bahut sare naam hai. Ghirt Kumari ya Aloe Vera. Jise kar Ganda yah gwar ke Partha ke naam se bhi Jana jata hai. Ek aushdhiy paudhe ke roop mein vikhyat hai | iski utpati sanbhtaw : uttari Africa mein Hui hai | yah prajati Vishva ke Anya sthanon per swabhavik roop se nahin Pai jaati | per iske nikat sambandhi yelo uttari Africa mein paye jaate Hain | yah aushadhi Bharat mein bhi bahut jyada Pai jaati hai | India mein uski 300 Plus prajatiyan maujud hai |



Aloe Vera benefits or Side effects


Aloevera mein Surya ki parabaigani Kiran se bachane ki | aise mein iska ek sunscreen ki tarah istemal ho sakta hai | iske anti oxidant Navami ko banae rakhne mein madad karte Hain | iska istemal moisturizer ke Nirman mein kiya jata hai |
Aloe vera Ko agar savdhani ke sath Na Piya jaaye to iske Kai sare side effect ho sakte hain | allergy, chehre par Dane ya pitai, khujali ya suji Hui tawcha, sans Lene mein kathinai, seene mein Dard aur gale mein jalan Jaise lakshan aloevera ke Sevan ki vajah se ho sakte hain | isiliye hamesha aloevera ka istemal karte samay doctor ki Salah jarur len


Piles treatment aloe vera


aloevera ke prayog se piles yani bawaseer ka ilaj | aloevera ke juice se kabj ki samasya nahin Hoti | guda ke bahar Masoom mein aloevera jail lagaen jisse a mass jald hi khatm Ho jaenge | ek gilas chhachh me thoda jeera piece kar Mila kar aloe vera juice ke sath Sevan karne se bavasir ko jald theek karne ka yah ek behtarin upay hai | din mein lagbhag 3 ya 4 bar istemal Karen |
Ek chammach aloevera powder mein ek chammach mishri milakar peene se piles ki bimari dhire dhire khatm hoti jaati hai |

piles ka ilaj


Piles hone ke lakchhan

Khuda ke aaspaas kathor Jaisi mahsus hoti hai | ismein Dard rahata hai tatha khoon bhi a sakta hai |
Soch ke bad bhi pet saaf na hone ka abhas hona |
Soch ke waqt jalan ke sath Lal chamakdar ka vah khoon aana |
Gudda ke aaspaas khujali, or lalipan Sujan rahana |
Soch ke waqt jyada derd hona |


piles hone ke Karan


Kuchh logon mein yah Rog peedhi dar peedhi dekha jata hai | Lekin kuchh mein ya Anya Karan se bhi hota hai | jo yah hai
Kabj bhi bavasir ka ek Pramukh Karan hai |
Jyadatar talevhue aur mirch masale yukt bhojan karna |
Soch theek se na karna |
Fibre yukt bhojan ka Sevan Na Karna |
Lagatar kam karte rahana |
Dharampal aur sharab ka istemal Karna |

piles mein parhez 

Agar aap piles ka ilaaj karva rahe hain yah aap Payal se pidit Hain | to aapko kuchh chijon ka per hi bahut hi jyada jaruri hai | jinse aapko yah bimari theek hone Tak bilkul dur rahana hai

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